कहानी: नन्हा चिड़िया
एक छोटे से गाँव में एक नन्ही चिड़िया रहती थी। वह अपनी मां के साथ एक पेड़ पर रहती थी और हमेशा आसमान में उड़ती थी। वह अपने साथी चिड़ियों को देखकर हमेशा खुश रहती थी।
एक दिन, वह अपने पेड़ से बाहर उड़ने के दौरान एक तीर ने उसके पंख को चोट पहुँचाई। वह गिर पड़ी और अब उसकी उड़ान रुक गई। दूसरी चिड़ियों ने उसे उड़ते हुए देखा और उसे मजाक में लिया।
लेकिन नन्ही चिड़िया ने हार नहीं मानी। वह प्रतिदिन अपने पंखों को फिर से उड़ाने का प्रयास करती रही। उसने अपने संघर्ष के साथ खुद को पुनः साबित किया और एक दिन वह फिर से आसमान में उड़ने लगी।
समाप्ति:
इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि हमें कभी भी असफलता से हार नहीं माननी चाहिए। हमें अपने सपनों की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए और हमेशा संघर्ष करना चाहिए। अगर हम निरंतर मेहनत करते रहते हैं, तो एक दिन हमारा सफलता अवश्य हमारे कदमों में आएगा।
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