कहानी: लालची किसान
एक गाँव में एक किसान रहता था जो लालच में डूबा हुआ था। वह अपने खेतों में हमेशा नयी और ज्यादा बीजें बोने के लिए बेताब रहता था। उसे हमेशा अधिक धन की तलाश रहती थी और इसलिए वह अपने काम में संयम नहीं रख पाता था।
एक दिन, उसने एक जादुई गेहूं के बारे में सुना। वह सोचा कि अगर उसने इसे उगाया तो उसे अमीरी की गारंटी मिल जाएगी। वह तुरंत जादूगर के पास गया और जादूई गेहूं मांगा। जादूगर ने कहा कि यह गेहूं सिर्फ एक बार ही बीज के रूप में काम करेगा।
किसान ने गेहूं को बो डाला और उसने देखा कि वह बहुत तेजी से उग रहा था। वह सोचा कि उसकी समृद्धि का समय आ गया है। लेकिन जब वह गेहूं को काटने गया, तो उसने देखा कि गेहूं में सिर्फ खोखले बीज थे। उसने अपनी लालच की सजा चुकाई।
समाप्ति:
इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि लालच की सजा बहुत ही कठिन होती है। हमें अपने काम में संयम और सावधानी बरतनी चाहिए और अपनी लालच को नियंत्रित करना चाहिए। इसके बिना, हम अपने ही हाथों में अपना नुकसान करते हैं।
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